समाज, राजनीति और धर्म दर्शन

875.00

  • Author: Dr. Rekha Kumari Gupta
  • Binding: Hardcover
  • Edition: 2023
  • ISBN: 978-81-953735-4-3
  • Language: Hindi

15 in stock

SKU: 978-81-953735-4-3 Categories: , ,

Description

वर्तमान धर्म एवं राजनीति के स्वरूप को सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र की जरूरत है। भ्रमित ज्ञान के आधार पर हम धर्म एवं राजनीति और इनके मेलजोल पर सम्यक निश्चय नहीं कर सकते। इसके लिये धर्म और राजनीति तथा इनके परस्पर संबंधों का ऐतिहासिक संदर्भ में सही विवेचन करना आवश्यक है। अगर धर्म की बात करें तो धर्म एक ऐसा दिव्य मंत्र है, जो संपूर्ण सृष्टि के धारण एवं संचालन के निमित्त, संपूर्ण मानवता, मानवीय मूल्यों की अभिव्यक्ति को प्राप्त कराने हेतु सभी प्रकार के कर्मों के निर्धारण एवं संपादन द्वारा मुक्ति प्रदान करने की व्यवस्था करता है। अगर राजनीति की बात की जाए तो हम कह सकते हैं कि राजनीति सामाजिक व्यवस्था का ही एक रूप है। एक निश्चित भूमि पर अपनी विशिष्ट संस्कृति और एकात्मक बहाव के साथ जीवन यापन करने वाले जब अपने राष्ट्र को जनहित में संचालित करने हेतु उचित नीति और व्यवस्था का पालन करते हैं, वह राजनीति कहा जाता है। धर्म एवं राजनीति के स्वरूप की सम्यक विवेचना एवं समृद्ध दर्शन के उपरांत यह भ्रम खत्म हो जाता है कि राजनीति और धर्म का मेल घातक भी हो सकता है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “समाज, राजनीति और धर्म दर्शन”